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September 1, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया दून विश्वविद्यालय में कौशल विकास एवं रोजगार कॉन्क्लेव में प्रतिभाग

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में कौशल विकास एवं रोजगार कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जनरेशन इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार के बीच एमओयू भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्क्लेव हमारे युवाओं के कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। यह कॉन्क्लेव युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को दुगना करने के लक्ष्य को लेकर सरकार कार्य कर रही है। दो साल में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 1.3 गुना वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किये गये हैं। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के लिए 30 नई नीतियां बनाई हैं। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य में एक साल में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी तेजी से बढ़ी है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैकिंग में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में हम राज्य की जीएसडीपी को दोगुना करने के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार सृजन में भी उल्लेखनीय कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जहां 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, तो हमारा देश न केवल एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव भी रख सकेगा। यही कारण है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में ही स्किल इंडिया अभियान की शुरूआत की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारे युवाओं को उनकी रुचि और क्षमताओं के अनुसार उत्कृष्ट और व्यावसायिक रूप से उपयोगी प्रशिक्षण प्रदान करना था। यह अभियान न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी सरकार भी राज्य में युवा शक्ति को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ इस संबंध में निरंतर कार्य कर रही है। कौशल विकास को राज्य के प्रमुख एजेंडे में शामिल करते हुए कई योजनाओं और नीतियों को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का रोजगार परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है, तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। इसके लिए हमें अपने युवाओं को “फ्यूचर-रेडी“ बनाना होगा। इस दिशा में युवाओं को “डिमांड बेस्ड स्किल ट्रेनिंग“ देने के लिए विभिन्न उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ समझौते किए गये हैं। राज्य के 13 आई.टी.आई. संस्थानों में दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ 20 अल्पकालिक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्रदान किये जा रहे हैं। साथ ही, आई.टी.आई. काशीपुर में इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में एक “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस“ स्थापित किया गया है। फिलिप्स के सहयोग से आई.टी.आई. हरिद्वार में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए एक “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस“ स्थापित किया गया है। अशोक लेलैंड कंपनी के साथ भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अशोक लेलैंड प्रत्येक वर्ष हमारे एक हजार युवाओं को अपने प्लांट में इंटर्नशिप और रोजगार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा विदेशी प्लेसमेंट नीति के तहत राज्य के युवाओं को विदेशी भाषाओं सहित विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हमारे युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। इसके पहले चरण में 23 युवाओं को जापान भेजा है। 25 युवाओं को जर्मनी और ब्रिटेन में नर्सिंग क्षेत्र हेतु भेजने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों के माध्यम से राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स, जैसे आयुष, वैलनेस, पर्यटन, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण, वन आधारित आजीविका, डिजिटल मार्केटिंग, ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, अक्षय ऊर्जा आदि पर चर्चा से जो विचार और सुझाव प्राप्त होंगे। वे राज्य में युवाओं के कौशल विकास के लिए तैयार की जाने वाली नीतियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होंगे।

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। औद्योगिक संस्थानों की मांग के अनुसार युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए लघु अवधि के कोर्स भी नियमित कराये जा रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, उपाध्यक्ष सेतु आयोग राजशेखर जोशी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, नीति आयोग में राज्य से नोडल अधिकारी सोनिया पंत, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर सचिव विजय जोगदण्डे, एसीईओ सीपीपीजीजी डॉ. मनोज पंत, अपर सचिव मनमोहन मैनाली उपस्थित थे।

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