प्रभारी मंत्री जिलों से नदारत मुख्यमंत्री कार्यालय ने भेजा रिमाइंडर
देहरादून : उत्तराखंड के तमाम कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं. दरअसल, मंत्रियों की ओर से हर महीने दी जाने वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री को नहीं मिल रही है, जिस पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को रिमाइंडर भेजा है. हालांकि, केवल एक मंत्री ही रिपोर्ट भेज पाए हैं. उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के क्रियान्वयन विभाग की ओर से सरकार के सभी मंत्रियों को पत्र लिखा गया है जिसमें याद दिलाया गया है कि वो आचार संहिता हटने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करवा रहे हैं. यही वजह है कि उन्हें रिमाइंडर भेजना पड़ रहा है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिसंबर 2022 में एक पहल शुरू की थी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने महीने भर की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को पेश करनी थी. इस रिपोर्ट में मंत्रियों के अपने प्रभारी जिलों में दौरे, सरकार जनता के द्वार, अनुशासित प्रदेश, भय मुक्त समाज जैसी तमाम योजनाएं शामिल हैं, जिन्हें मंत्रियों की ओर से जिलों में इंप्लीमेंट करवाया जाता है. वहीं, इसके अलावा जिला योजनाओं में भी मंत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है
उत्तराखंड में फरवरी महीने में लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगाई गई. जो लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद हटा ली गई. ऐसे में लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगते ही मुख्यमंत्री क्रियान्वयन कार्यालय को जाने वाली सभी मंत्रियों की रिपोर्ट में भी विराम लग गया. केवल एक मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने ही अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी है मंत्रियों की जिलों में प्रवास की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को न दिए जाने पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से भी बातचीत की गई. जिसमें पूछा गया कि क्या मंत्री अनुशासित नहीं हैं? जिस पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है, हमारे मंत्री बेहद अनुशासित और क्रियाशील है. सरकार के सभी मंत्री लगातार जिलों में जा रहे हैं।
