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September 1, 2026

धामी सरकार की दिशा में चारधाम यात्रा 2025 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार, श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतरीन इलाज

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार चारधाम यात्रा 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में विभाग ने यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार चारधाम और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व विस्तार किया जा रहा है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ में नए अस्पतालों की शुरुआत
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दो नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। केदारनाथ में 17 बेड और बद्रीनाथ में 45 बेड के अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

नई स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
इस साल यात्रा मार्ग में 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों की उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करेंगे। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जैसे ट्रांजिट जिलों में 37 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है और नई स्क्रीनिंग इकाइयों की स्थापना की योजना बनाई गई है।

154 एम्बुलेंस तैनात, हेलीकॉप्टर और बोट एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 154 एम्बुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया है, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस और टिहरी झील में बोट एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियाँ
पिछले साल 34,000 से अधिक मेडिकल आपातकालीन मामले सामने आए थे, जिसमें 1,011 मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा और 90 मरीजों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया था। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इस साल स्वास्थ्य मित्रों (फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर) की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य निगरानी
स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है। इस वर्ष ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल को अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें एक ैव्ै बटन जोड़ा जाएगा, ताकि तीर्थयात्री आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग डिवाइस के माध्यम से तीर्थयात्रियों की 28 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों की तुरंत जांच की जाएगी।

धामी सरकार की प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष लाखों श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण महज कुछ श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबधी दिक्कते हुईं। इस बार स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में मंजूर की गई है और गुप्तकाशी में 50 बेड के अस्पताल के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।

आगे की योजना और यात्रियों की सुरक्षा
इस बार तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यात्रा से पहले ही हाई-रिस्क तीर्थयात्रियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, आपातकालीन कॉल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा और यात्रा मार्ग पर होटल, धर्मशाला, खच्चर चालकों और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि चारधाम यात्रा 2025 को श्रद्धालुओं के लिए न केवल आध्यात्मिक बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और सुकूनदायक बनाया जाए।

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