Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 1, 2026

प्रधानमंत्री की नीतियों से तीस करोड़ लोग गरीबी रेखा से निकले बाहर – सीएम धामी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की नीतियों से बीते एक दशक में देश भर में करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। सोमवार को देहरादून में आयोजित केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है कि यहां सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय स्तर का चिंतन शिविर आयजित किया जा रहा है। ये चिंतन शिविर बाबा साहब अंबेडकर तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों के चिन्तन का विस्तार भी है। इस शिविर में आय़ोजित होने वाले संवाद से भविष्य में अपनायी जाने वाली सामाजिक सशक्तिकरण की नीतियों का रोडमैप तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज देश में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है। पहले कई दशकों तक देश में समाज कल्याण विभाग कुछ गिने-चुने कार्यों तक ही सीमित माना जाता था। परंतु नरेंद्र मोदी के प्रधान सेवक बनने के बाद अपनाई गई नीतियों और योजनाओं से बीते एक दशक में देश के करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एक ओर देश में बुजुर्गों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को विशेष पेंशन देकर उनका जीवन स्तर सुधारा जा रहा है, वहीं छात्रों को छात्रृवत्ति देकर उन्हें अपना भविष्य उज्जवल बनाने का अवसर भी दिया जा रहा है। इसी तरह विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर अति पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। नशे की लत से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से राज्य सरकार भी प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन प्रदान कर रही है, पेंशन योजनाओं का भुगतान मासिक आधार पर किया जा रहा है, पेंशन योजनाओं को ऑनलाइन किए जाने के साथ ही अन्त्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।
इसी तरह अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर बारहवीं तक छात्रवृत्ति देने के साथ ही उनके लिए निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय तथा 3 आईटीआई भी संचालित की जा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रूपए का अनुदान भी दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने के साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिये 1 करोड़ रुपए के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अटल आवास योजना के तहत अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रूपए की राशि प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। उत्तराखण्ड में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से वृद्धजनों के ऑखों का उपचार तथा जेरियाट्रिक केयर यानि वृद्धजनों को विशेष देखभाल की सुविधा देने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों को 04 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में नशामुक्त देवभूमि अभियान को मिशन मोड पर संचालित कर रही है। सरकार प्रदेश के प्रत्येक जनपद में नशामुक्ति केंद्र संचालित करने की योजना पर भी कार्य कर रही है, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में नशामुक्ति केंद्र का संचालन प्रारंभ भी किया जा चुका है।


राज्य में जहां एक ओर, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें स्कूल जाने के हेतु प्रेरित किया जा रहा है, वहीं युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रय़ास भी किया जा रहा है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार की SMILE योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार शहरों को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रतिभागियों को आगामी चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि इस साल से प्रदेश सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल में पहुंच कर प्रोत्साहित किया है।

*राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल बहुत जरूरी*
इससे पूर्व, चिंतन शिविर में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित समुदाय तक पहुंचाने में राज्यों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। चिंतन शिविर का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना ही है। उन्होंने बताया कि जब आगरा से चिंतन शिविर का सफर शुरू किया गया था, तब उस कार्यक्रम में सिर्फ आठ राज्यों का प्रतिनिधित्व रहा था। मात्र 12 राज्यों के अधिकारी उस कार्यक्रम में पहुंचे थे। ये शुभ संकेत है कि देहरादून के चिंतन शिविर में 15 राज्यों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र, युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। केंद्र और राज्यों को इस चुनौती से मिलकर निबटना है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तुरन्त बाद चिंतन शिविर के आयोजन की खास वजह रही है। हमारा ये मानना है कि योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच शुरू में ही जानकारी साझा होने से बेहतर परिणाम निकल पाएंगे।
इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हमारे पास एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम वंचित तबके को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते है। प्रधानमंत्री जी ने भी सबका साथ, सबका विकास का मूल मंत्र इसीलिए दिया है। इस मौके पर कई राज्यों के मंत्री और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright2024©Vidhan news network, Designed By MTC, 9084358715.All rights reserved. | Newsphere by AF themes.