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September 25, 2026

हरिपुर कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर क्षेत्र को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास की महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण तथा माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ यमुना आरती का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के साथ यमुना आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन से कालसी का यमुना तट आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन इस क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेंगे। माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी कालसी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

‘ *आशीर्वाद का दीया’ और यमुना आरती, 2100 दीपो से जगमगाया माँ यमुना का पावन तट*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम एवं यमुना आरती श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी माँ यमुना के तट पर एक दीया प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर कुल 2100 दीपों से माँ यमुना का पावन तट जगमगा उठा।

एक साथ प्रज्ज्वलित 2100 दीपों की रोशनी ने यमुना तट को भव्य और दिव्य आभा से भर दिया। दीपों की जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय जनसमूह के साथ माँ यमुना की आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। आस्था, प्रकाश और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह दृश्य कालसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*हनोल मास्टर प्लान को ₹150 करोड़ की स्वीकृति*

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ही पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

*धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिकी को मिलेगा लाभ*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत का संरक्षण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

*आस्था, विरासत और विकास का संगम बन रहा उत्तराखंड*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ ही प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जुड़कर प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बने।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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